हाथरस: चंदपा थाना क्षेत्र निवासी दलित युवती के साथ पुलिस का अमानवीय रवैया उसकी मौत के बाद भी जारी रहा। पुलिस लगातार उस मासूम युवती के प्रति लापरवाही बनी रही, मौत के बाद जबरदस्ती उसके शव को आग लगाकर अंतिम संस्कार की खानापूर्ति की गई तो उससे पहले घटना के दौरान युवती पुलिस थाने में ही जमीन पर पड़ी रही लेकिन किसी ने उसकी सुध नहीं ली। ये तस्वीरें गवाह हैं कि कैसे जिले की पुलिस हाथरस की बेटी के प्रति अमानवीय बन गई। पुलिस के इसी रवैये के विरोध में जिले के साथ ही देशभर में लोगों का आक्रोश फूट रहा है।
हाथरस में गैंगरेप के बाद युवती की मौत के बाद उसके अंतिम संस्कार की तस्वीरें सोशल मीडिया में वायरल हो रही है। आरोप है कि पुलिस ने लोगों का आक्रोश दबाने के लिए युवती के शव का आनन फानन में तेल छिड़ककर जबरन अंतिम संस्कार कर दिया। घरवालों को भी इसमें शामिल होने का मौका नहीं दिया गया। युवती की मां ने रोते रोते बताया है कि वह हल्दी लेकर अपनी बेटी के शव का इंतजार करती रही लेकिन पुलिस ने उन्हें ये मौका भी नहीं दिया कि आखिरी बार उसका चेहरा भी देख सकें। सीधे दिल्ली से उसका शव गांव में ले जाकर खेत में अंतिम संस्कार कर दिया गया। हैरत की बात ये है कि इस घटना में ऐसा पहली बार नहीं हुआ जब गैंगरेप पीड़िता के प्रति पुलिस का यह अमानवीय चेहरा देखने को मिला हो।
काफी देर तक थाने में यूं ही पड़े रहने के बाद एक दो पुलिसवाले उसके पास आए लेकिन यह कहकर लौट गए कि यह बेहोश होने का नाटक कर रही है। वो तो वाल्मीकि समाज के कुछ नेताओं के थाने में पहुंचकर हंगामा करने के बाद कुछ पुलिसकर्मियों ने उससे बात करने की जहमत उठाई। तस्वीरों में आप देख सकते हैं कि किस तरह पुलिसकर्मी खड़े खड़े नीचे जमीन पर पड़ी युवती से बात कर रहे हैं। किसी ने भी उसके पास नीचे बैठकर उससे बात करने की जहमत नहीं उठाई। पुलिस के इस रवैये से साफ है कि वह उसे न्याय दिलाने के प्रति कितनी संवेदनशील होगी।

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