हाथरस: दरिंदगी का शिकार हुई बेटी के अंतिम संस्कार को लेकर एक और खुलासा हुआ है। जिसमें पुलिस की कार्यप्रणाली मानवता को शर्मसार करने वाली है। पुलिस ने मीडिया और ग्रामीणों को दूर ही रोक दिया और फिर इसके बाद शव पर पैट्रोल छिड़ककर आग लगाकर अंतिम संस्कार कर दिया गया। जिले में हुई दरिंदगी के बाद बेटी का शव मंगलवार देर रात गांव पहुंचा। गैंगरेप की शिकार हुई युवती का शव गांव पहुंचते ही कोहराम मच गया। पुलिस ने आनन-फानन में चिता तैयार कर खुद ही युवती का अंतिम संस्कार कर दिया।
परिजनों का आरोप है कि उन्हें अंतिम संस्कार भी नहीं करने दिया गया और पेट्रोल छिड़ककर ही पुलिस ने शव जला दिया। मीडिया को घेरा बनाकर 100 मीटर दूर ही रोक दिया गया था। वहीं डीएम ने दावा किया कि परिजनों ने ही अंतिम संस्कार किया है लेकिन वे ये नहीं बता सके कि किस परिजन ने किया है। इसी बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस मुद्दे को लेकर मुख्य मंत्री योगी आदित्यनाथ से बात की है और मुख्यमंत्री ने एसआईटी का गठन कर दिया है जो एक सप्ताह में अपनी रिपोर्ट देगी।
मंगलवार को दिल्ली में हाथरस की बेटी की मौत की मौत के बाद मंगलवार की रात पुलिस शव लेकर गांव पहुंची। इस दौरान परिजनों और रिश्तेदारों ने शव को सौंपने की मांग की। जिससे सुबह में उसका पारंपरिक रूप से अंतिम संस्कार किया जा सके। लेकिन पुलिस ने ऐसा नहीं किया और सभी को अलग रखकर रात के अंधेरे में चुपचाप मृतक युवती की लाश जला दी। महिलाएं एंबुलेंस के सामने लेट गईं। रात करीब सवा दो बजे तक मान-मनौव्वल का दौर चलता रहा। बाद में पुलिस प्रशासन ने बलपूर्वक एंबुलेंस के सामने लेटी महिलाओं को हटाया। इस दौरान धक्कामुक्की और खींचतान भी हुई। वहां पर चीख-पुकार मचने लगी। इसके बाद शव को श्मशान ले जाया गया और करीब ढाई बजे बिटिया के शव का अंतिम संस्कार कर दिया गया।

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