बहुजन समाज पार्टी की अध्यक्ष मायावती ने यूपी में हो रहे राज्यसभा चुनावों में अपना प्रत्याशी उतार कर सभी दलों को चौंका दिया है मायावती के फैसले से भाजपा को जहां नौंवी सीट जीतने मेे मुश्किल होगी वहीं सपा और कांग्रेस के सामने भी अब दुविधा की स्थिति होगी यूपी में दस राज्यसभा सीटों के लिए होने वाले चुनाव में बसपा के उम्मीदवार के उतरने के बाद निर्विरोध निर्वाचन की संभावना लगभग खत्म हो गयी है।
उत्तर प्रदेश में राज्यसभा की दस सीटों के होने वाले चुनाव में बहुजन समाज पार्टी ने नेशनल कोआर्डिनेटर रामजी गौतम को मैदान में उतारा है रामजी गौतम 26 अक्टूबर को राज्यसभा चुनाव के लिए नामांकन दाखिल करेंगे। गुरुवार को पार्टी विधायकों की बैठक में नामांकन पत्र पर प्रस्तावकों के हस्ताक्षर भी करा लिए गए। बसपा के पास कुल विधायकों की संख्या 18 है जबकि राज्यसभा का चुनाव जीतने के लिए कम से कम 36 विधायकों का मत जरूरी होगा। ऐसे में जाहिर है बसपा अध्यक्ष बहन मायावती जी के इस दांव से एक तरफ भाजपा के नौ सदस्यों के जीतने की राह कठिन हो जाएगी। दूसरी तरफ समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के सामने दुविधा की स्थिति खड़ी हो सकती है।
मायावती ने चुनाव को बनाया दिलचस्प उत्तर प्रदेश के विधायकों की संख्या के आधार पर बीजेपी के आठ और सपा की एक राज्यसभा सीट पर जीत तय है। बसपा और कांग्रेस अपने विधायकों की संख्या के आधार पर उम्मीदवारों को राज्यसभा भेजने की स्थिति नहीं है, जिसके चलते बीजेपी 9वीं राज्यसभा सीट भी जीतने की कवायद में जुटी है ऐसे में बसपा प्रमुख मायावती ने अपना प्रत्याशी उतार दिया है, जिसके चलते अब राज्यसभा चुनाव काफी दिलचस्प हो गया है। बीजेपी को हराने के लिए सपा, कांग्रेस के साथ ही सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के अलावा कई निर्दलीयों का भी बसपा को समर्थन मिल सकता है। ऐसे में अगर बसपा प्रत्याशी को सपा और कांग्रेस समर्थन नहीं देंगी तो मायावती को पलटवार करने का मौका मिलेगा।

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